Alsi ke fayde Benefits of Flax seeds in hindi

अलसी खाने के फायदे[alsi khane ke fayde]{Benefits of Flax seeds in hindi}=Flax seeds यानी अलसी, अलसी के बीज मनुष्य द्वारा खाये जाने वाले सबसे पुराने खाद्य पदार्थों में से एक हैं। आज अलसी पूरे विश्व में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसका अखरोट जैसा स्वाद और सुगंध बहुत सारे लागों द्वारा पसंद किया जाता है। अलसी के बीज की लोकप्रियता के पीछे का कारण इसके पोषक एवं कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने वाले तत्व भी हैं। अलसी के बीज में तीन सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं|  ओमेगा -3 फैटी एसिड, लिगनन और म्यूसिलेज। इसके अलावा, अलसी के बीज विटामिन बी 1, आयरन, प्रोटीन और विटामिन B 6 तांबा, मैंगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक और सेलेनियम के साथ-साथ दोनों घुलनशील और अघुलनशील फाइबर से युक्त हैं। अलसी बाज़ार में दो मुख्य रूप से उपलब्ध है  पीले और सुनहरे भूरे रंग। बेहद सस्ता सा आइटम, बहुत असान इस्तेमाल और ढेर सारे फायदे। अलसी को क्यों(alsi kyo khaye, kaise aur kitna khaye) और कैसे खाना चाहिए। कितना खाना चाहिए और इसके साइड इफेक्ट(alsi ke side effect in hindi) की पूरी जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी।

अलसी खाने के फायदे[alsi khane ke fayde]{Benefits of Flax seeds in hindi}-

Alsi ke fayde Benefits of Flax seeds in hindi
Alsi ke fayde Benefits of Flax seeds in hindi

1-एक अध्ययन से यह बात साबित हो चुकी है कि अलसी के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कोलोन कैंसर से बचाव करता है। 

2-अलसी में पाया जाने वाला ओमेगा-3 जलन को कम करता है और हृदय गति को सामान्य रखने में मददगार होता है। ओमेगा-3 युक्त भोजन से धमनियां सख्त नहीं होती है। साथ ही यह व्हाइट ब्लड सेल्स को ब्लड धमनियों की आंतरिक परत पर चिपका देता है।

7-अलसी के बीजों  चूर्ण 15 ग्राम, मुलेठी पांच ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, आधे नींबू के रस को उबलते हुए 300 ग्राम पानी में डालकर बर्तन को ढक दें। इस रस को तीन घंटे बाद छानकर पिएं। इससे गले व श्वास नली में जमा कफ पिघल कर बाहर निकल जाएगा।

3-अमेरिका में डायबिटीज से ग्रस्त लोगों पर रिसर्च से यह सामने आया है कि अलसी में मौजूद लिगनन को लेने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। अलसी का सेवन मधुमेह के स्तर को नियंत्रित रखता है।

 

8 – अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। यह मछलियों में खूब पाया जाता है मगर शाकाहारी बॉडी बिल्डर मछली खाते नहीं इसलिए उनकी जरूरत काफी हद तक अलसी पूरी कर सकती है।

9-अलसी में पाये जाने वाले फाइटोएस्ट्रोजन के कारण यह महिलाओं के लिए खासतौर पर फायदेमंद है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति के समय होने वाले हार्मोनल चेंज और उसके कारण होने वाली समस्यायें जैसे अत्यधिक गर्मी (Hot Flashes), बेचैनी, अनियमित रक्तस्त्राव (dysfunctional uterine bleeding), कमर दर्द, योनि का शुष्क होना, और जोड़ों में दर्द में यह बहुत अधिक फायदा पहुंचाती है।

Alsi ke fayde Benefits of Flax seeds in hindi
Alsi ke fayde Benefits of Flax seeds in hindi

कैसे खाएं, Alsi kaise khaye –  इस बात का ध्यान रखें कि अलसी के बीज आसानी से हजम नहीं होते और वैसे के वैसे ही बाहर निकल जाते हैं। इसलिए इन्हें अगर आप सीधे मुंह से खा रहे हैं तो खूब चबा चबा कर खाएं। नहीं तो सबसे सही तरीका ये है कि आप अलसी को ग्राइंडर में पीस लें उसके बाद इस्तेमाल करें।

इसे आप शेक में भी डाल सकते हैं। इसका स्वाद थोड़ा सा अलग होता है, आप चाहे तो ओट्स के साथ इसे ले सकते हैं, शेक में डाल सकते हैं, सलाद में, ब्रेड मक्खन, ब्रेड जैम के साथ रोटी, पूड़ी, परांठा, सलाद, सूप जहां चाहें इसे मिलाएं। इसके तेल को खाना पकाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। अलसी को  दो से तीन चम्मच एक दिन में खाना काफी है।

अलसी के नुकसान{alsi ke nuksaan }[side effects of Flax seeds in hindi]-

1-गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करा रही महिलाओं को पिसे हुए अलसी के बीज या फिर अलसी के तेल की खुराक लेने से बचना चाहिए।

2-रक्त को पतला करने वाली दवाई का सेवन कर रहे लोगों को इसका सेवन अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर ही करना चाहिए क्योंकि यह रक्तस्राव के खतरे को बढ़ा सकता है। प्रोस्टेट कैंसर, उच्च ट्राइग्लिसराइड्स, हाइपोथायरायडिज्म, और हार्मोन के प्रति संवेदनशील स्थितियों से पीड़ित लोगों को भी सावधानी के साथ अलसी के बीज का सेवन करना चाहिए।

3-मधुमेह दवा के साथ-साथ अलसी के बीज का प्रयोग करते समय रक्त में शर्करा के स्तर की जांच करते रहें।

4-अलसी का अधिक मात्रा में सेवन एलर्जिक रिऐक्शन (एलर्जी की प्रतिक्रिया) का कारण भी बन सकता है।

5-अलसी के बीज का उच्च मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि यह आंतो में रुकावट पैदा कर सकता है।

 

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